दो दो चाचिया compleet

Discover endless Hindi sex story and novels. Browse hindi sex stories, adult stories ,erotic stories. Visit cv.ladyhelps.ru
raj..
Platinum Member
Posts: 3402
Joined: 10 Oct 2014 01:37

दो दो चाचिया compleet

Unread post by raj.. » 19 Dec 2014 09:35

दो दो चाचिया



में तब 13 साल का था और नाइंत क्लास में आया था. मेरे मा बाप गाओं में रहते थे, और वो चाहते थे की में आगे की पढ़ाई में शहर जा कर करू. मेरे दो चाचा शहर में रहते थे, पिताजी ने मुझे उनके यहा पढ़ाई के लिए भेज दिया. मेरे बड़े चाचा के साथ मे रहने लगा. उनके घर में चाचा रहते थे जो टीचर थे और गाओं मे पोस्टिंग थी, चाचा गाओं मे ही रहते थे और शनिवार की रात ही घर आते थे और सोमवार की सुबह वापस चले जाते थे. चाचा 35 साल के थे और चाची 27 की, उनके एक लरका था जो 3 साल का था और एक लर्की जो अभी दो महीने पहले पैदा हुई थी. चाचिजी अभी भी उसको दूध पिलाती थी. मेरी नज़र अक्सर उनकी छातिओ पर पड़ जाती थी, जो दूध से भरी हुई होती थी और कम से कम 40 इंच की थी. चाचिजी सावले रंग की थी. उनकी कमर भी मोटी थी और गांद भी. उनके निपल्स काले- भूरे रंग के थे. कई दफे वो बची को दूध पिलाते पिलाते सो जाती तो मे उनके बूब्स तबीयत से देखता.

बड़े चाचा के साथ ही सटा हुआ था छ्होटे चाचा का मकान, उनकी शादी को कोई दो साल हुए थे. चाचा की उम्र थी 25 साल और चाची कोई 18-19 की थी. छ्होटी चाची बड़ी चाची से बिल्कुल विपरीत थी. वो एकद्ूम गोरी और स्लिम थी. उनकी हाइट 5फ्ट 4 इंच थी और उनकी चुचिया शायद 34 साइज़ की थी. कमर पतली थी और गांद का साइज़ शायद 36 होगा. छ्होटे चाचा भी सरकारी नौकरी में थे और उनको कई बार 15 -15 दिन के लिए टूर पर जाना परता था. मेरी बरी चाची का नाम था विमला और छ्होटी का सुनीता. घर में एक नोकरानी काम करने आती थी जिसका नाम था कमला, वो छ्होटी उम्र में ही विधवा हो गयी थी. उसका लगभग पूरा दिन हुमारे घर में ही बीतता था.

छ्होटी बच्ची के कारण बरी चाची मुझ पेर ज़्यादा ध्यान नही दे पति ओर छ्होटी चाची ही मुझे तय्यार करती और स्कूल भेजती थी. दोनो घरो के बीच में एक चॉक था, जहाँ सर्दिओ में दोनो चाचिया आराम से कापरे खोल कर नहा लेती थी. में भी यही नहाता था खास तौर पेर सरदीओ में. कमला भी अक्सर हुमारे चोवोक में ही नहाती थी. चाचा अक्सर बाहर होते थे इसलिए में छ्होटी चाची के साथ ही सोता था. जब छ्होटे चाचा आते तो में लॉबी में या बड़ी चाची के साथ सोता था. एक दिन कुछ समय मेरी नज़र कुछ किताबो पेर पड़ी. इनमे चाची की चुदाई की कहानिया भी थी. पढ़ते पढ़ते मेरी नूनी भी टन जाती थी. में इनको अक्सर चोरी चोरी पढ़ता. अलग अलग मुद्राओ में चुदाई के फोटो वाली भी वाहा पेर थी. में उनको भी अपनी कोर्स की किताब में डाल कर पढ़ता. एक दिन कोई फिल्म की सीडी तलाशते तल्षटे मेरे हाथ ब्लू फिल्म की सीडी भी लग गयी , छ्होटे चाचा ने कम से कम 10-12 ब्लू फिल्म की सीडी च्छूपा रखी थी, बड़े चाचा की कमरे में भी इतनी ही सीडी पड़ी थी. मौका लगते ही में उनको भी चोरी चोरी देखता और चाचीॉ के बारे मे सोच मुट्ठी मरता. मेरा लंड बस जवान होने को था.
एक दिन छ्होटे चाचा घर आए हुए थे. मे लॉबी मे सो रहा था. रात मे मुझे ज़ोर की सूसू लगी. बाथरूम की तरफ जर आहा था तो छ्होटे चाचा के बेडरूम से कुछ अजीब सी आवाज़े आ रही थी. कमरे का दरवाज़ा खुला हुआ था, बस हल्का सा परदा खिछा हुआ था मुझसे रहा नही गया, मे पर्दे के पीछे जा कर अन्दर चुपचाप देखने लगा. अन्दर अलग ही नज़ारा था. छ्होटी चाची ने अपनी दोनो टाँगे मॉड़ कर चाचा की कमर पेर लपेटी हुई थी और उनके दोनो हाथो ने चाचा की गांद कस कर पकरी हुई थी चाचा का लंड चाची की चूत के अंडर बाहर आ जर आहा था. चाची बोले जा रही थी,' चोदो राजा और ज़ोर से, मेरी चूत की आग शांत कर दो, इतने दीनो से इसको लंड मिला है, मारो मेरी ज़ोर से, फाड़ दो मेरी फुददी, चोद चोद कर इसका कचूमर निकल दो, आ श ऊवू,,' वो बोल रही थी और चाचा के स्ट्रोक्स के साथ अपनी गांद हिला रही थी. चाचा भी ज़ोर ज़ोर से स्ट्रोक्स लगा रहे थे,' ये ले रंडी तेरी चूत मे मूसल, आज मेरा लॉडा तेरी चूत की वो हालत करेगा की आने वेल डूस दिन तक लंड माँगने की इसकी हिम्मत नही होगी,' वो बोले,' हा जान चोद चोद कर फाड़ दो, बुझाओ मेरी चूत की आग,' चाची बोली.' कोई 2 मिनिट मे चाचा झाड़ गये, और चाची से अलग हो साइड मे लेट गये, चाची अभी भी संतुष्ट नही हुई थी और अपनी बालो वाली चूत मे उंगली कर रही थी,' जान इनटी भी क्या जल्दी थी मेरी चूत ने तो पानी छ्चोड़ा ही नही, उन्होने कहा.' " 15 -15 दिन तक तेरी चूत नही मिलती और इसलिए एग्ज़ाइट्मेंट मे जल्दी पानी निकल जाता है जान, तू मेरा लंड चूस कर जल्दी तय्यार कर मे दूसरी बार देर तक चोदुन्गा तुझे,' ये कह कर चाचा ने अपना लंड चाची के मूह मे डाल दिया, चाची उसको लॉलीपोप की तरह चूसने लगी.' मुझे डर लगने लगा मे चुपचाप अपने बिस्तेर पर आया चाची के बारे मे सोच कर मूठ मारी और सो गया. सुबह छ्होटे चाचा वापस बाहर चले गये. मे भी स्कूल चला गया.

दिन मे में पढ़ाई कर रहा था चोटी चाची और कमला की बातचीत मुझे सुनाई दी,' क्यू दीदी रात मे तो खूब महाभारत की लड़ाई हुई होगी?" कमला ने छ्होटी चाची से पूछा,' अरे कमला, हुमारे नसीब मे कहा महाभारत ,' चाची उदास स्वर में बोली,' क्यू दीदी ऐसा क्या हुआ? भैया दिखते तो पूरे मर्द हैं? कमला ने पूछा,' नही कमला वैसे तो पूरे मर्द हाइन बस मैदान में ज़्याद टिक नही पाते,' चाचिजी ने कहा.' ओह मतलब पानी जल्दी छूट जाता है?" कमला ने पूछा,' हा कमला,' चाचिजी ने जवाब दिया." छ्यूटेगा ज़्यु नही दीदी आप हो ही इतना गरम माल फिर मर्द इतने दिन बिना चुदाई के रहेगा तो उसका पानी तो एक मिनिट मे निकलेगा ही,' कमला हस्ते हुए बोली. " मेरी चूत तो प्यासी ही रह गयी कमला,' चाचिजी बोली.' मे कुछ करू दीदी?" कमला ने पूछा.' अब तू क्या करेगी तेरे पाओ के बीच मे लंड थोड़े ही उगा हुआ है?" चाचिजी ने कहा. " आप मुझे कह के तो देखो आपकी चूत की आग तो मे बुझा कर मानूँगी,' कमला बोली.' ठीक है कमला अब मेरी चूत तेरे हवाले लेकिन अगर मेरी छूट की आग नही बुझी तो मे तेरी गांद मार दूँगी,' चाचिजी हस्ते हुए बोली,' मार लेना दीदी मेरी गांद को भी ठंडक मिलेगी,' कमला हस्ते हुए बोली. मुझे लगा दोनो औरते एक दूसरे से बहुत ज़्यादा खुली हुई हाइन.
मे रात का इंतज़ार करने लगा, मुझे पता था आज छ्होटी चाची की चूत के लिए कमला कुछ सामान ज़रूर जुटाएगी. छ्होटी चाची रात में 8 बजे खाना खा कर नहाई फिर उन्होने एक सेक्सी नाइटी पहनी. काले रंग की नाइटी में छ्होटी चाची की काली चड्डी सॉफ दिखाई दे रही थी और उनकी गांद की दोनो फांके सॉफ झलक रही थी. छोटी चाची ने ब्रा नही पहनी थी और उनके छ्होटे और कसे हुए बूब्स सॉफ दिखाई दे रहे थे. छ्होटी चाची के निपल्स एकद्ूम पिंक थे, मुझे लगा इनकी चूत भी एकद्ूम गुलाबी होगी. कमला ने सारे काम जल्दी ही निपटा दिए, वो घर मे काम करते समय सिर्फ़ ब्लाउस और पेटिकोट पहनती थी. उसका पेटीकोआट अक्सर उसकी मोटी गांद के बीच फस जाता और मुझे अंदाज़ हो जाता की वो चड्डी नही पहनती.
नौ बजे ही छ्होटी चाची ने मुझे दूध दिया और बत्ती बुझा दी,' रमेश अब तुम सो जाओ, सुबह जल्दी उठ कर तुमको स्कूल जाना है,' ये कह कर चाची ने मुझे चादर ओढ़ा दी और मेरे सिर पेर किस कर के चली गयी,' चाची से अच्छे पर्फ्यूम की खुश्बू आ रही थी.

कमला चोटी चाची के कमरे मे चली गयी, दोनो के हस्ने की आवाज़े आ रही थी, कोई दस मिनिट बाद छ्होटी चाची ने कहा,' कमला जाकर देख तो लो रमेश जग तो नही रहा?" कमला बिना आवाज़ किए मेरे पास आई और मुझे गौर से देखा, उसको यकीन हो गया की मे गहरी नींद मे हू,' दीदी रमेश भैया तो गहरी नींद मे हॅ, अब देर करने से क्या फायडा,' वो बोली. थोड़ी देर बाद छ्होटी चाची के कमरे से ब्लू फिल्म की आवाज़े आनी लगी.

raj..
Platinum Member
Posts: 3402
Joined: 10 Oct 2014 01:37

Re: दो दो चाचिया

Unread post by raj.. » 19 Dec 2014 09:36


मुझे लगा की अब दोनो औरते अपने कार्यक्रम मे मस्त होगी तो मे चुपचाप उनके कमरे की तरफ गया, अन्दर नाइट लॅंप जल रहा था. मे पर्दे के पीछे छुप गया. अंडर देखा तो दंग रह गया. छ्होटी चाची बिस्तेर पर टाँगे चौरी कर के लेटी हुई थी. उनके गोल और टाइट बूब्स जैसे बाहर को कूदने को लालायित थे. उपर की गुलाबी चुचिया एकदम बंदूक की गोली की नोक की तरह सख़्त हो रखी और नुकीली हो रखी थी. कमला भी एकद्ूम नंगी थी. उसकी नंगी और पहार जैसी काली गांद मेरी तरफ थी, और वो चाची की चूत चाट रही थी, चाची ने उसके बाल पकरे हुए थे,' कमला तेरी जीब तो लंड से भी ज़्यादा मज़ा दे रही है,' चाची बोली,' दीदी मेरी जीभ जानती है आपकी चूत को कहा कहा कितना प्रेशर चाहिए, लंड तो अँधा होता है चूत की ठुकाई कर अंडर पानी डाल कर चला जाता है,' कमला ने कहा और उसकी चूत चाटने की आवाज़ें और चाची की ऊओह आ की आवाज़ें टेक्स हो गयीं,' कमला तू तो पूरी रंडी है चूस मेरी जान चूस मेरी चूत, बहुत मज़ा आ रहा है,' चाची ने कहा,कमला अब जीभ और अंडर डाल कर जीभ से चाची की चूत को चोद रही थी, छ्होटी चाची हवा मे गांद उठा उठा कर कमला की जीभ को चूत दे रही थी,' चोद कमला चोद मुझे चोद रानी और ज़ोर से चोद, मेरी चूत आज से तेरी गुलाम है, चोदति जा रानी,, ऊऊऊहह आआआआआहह बहुत मज़ा आ रहा है तेरी जीभ पर मेरी चूत अपना पानी छ्चोड़ने वाली है,' चाची बोली और कस कर कमला के बॉल पाकर लिए. चाची की साँस फूल रही थी, कमला गतगत उनकी गुलाबी चूत का रस पी रही थी. " दीदी आपकी चूत क्या है ,अंगूर का मीठे दाना है,' कमला बिली.' चाची शर्मा गयी, बोली,' धत्त!'
" अब मेरा क़र्ज़ उतरो दीदी,' कमला बोली और टाँगे चोरी कर के लेट गयी, चाची अब उसकी टॅंगो के सामने थि.खम्ल की चूत एकद्ूम सॉफ थी.' उसकी चूत के मोटे काले हॉट मुझे सॉफ दिखाई दे रही थी. कमला की चूत के काले होटो के बीच से झांते चूत के अंडर के मोटे काले होट भी दिख रहे थे. कमला की चूत से चाची की चूत ठीक उल्टी थी, अब चाची की गांद मेरी तरफ थी इसलिए वो सॉफ दिख रही थी. चाची की चूत ऐसा लगता था जैसे किसी 14 साल की लर्की की चूत हो एकद्ूम सॉफ और टाइट. चाची ने अपनी ड्रॉयर से एक नक़ली लंड निकाला उसको निरोध पहनाया और कमला की चूत मे घुसा दिया. चाची अब कमला को चोद रही थी, कमला दो मिनिट मे ही गरम हो गयी,' चोदो दीदी इस रंडी का भोसड़ा इस लॉर से,' कमला ने कहा और वो गलिया बोलने लगी,' ओह मदारचोड़ ऊवू भेन्चोद क्या लंड है फाड़ दो इस से मेरा कला भोसड़ा और ज़ोर से चोदो,' ये कह कर कमला अपने मोटे मोटे काले चूटर हवा मे उछालने लगी.' उसके बड़े बड़े 42 इंच के लगभग के बूब्स भी उछाल रहे थे और काले मोटे निपल्स एकद्ूम तने हुए थी, चाची बीच बीच मे उसके निपल्स मसल देती थी. कमला को 3-4 मिनिट मे ओर्गस्‍म हो गया, उधर ब्लू फिल्म अभी भी चल रही थी, उसमे एक जवान लरके का लंड दो बुद्दी औरते चूस रही थी, मेरा लंड पत्थर की तरह हो रखा था, और उत्तेजना से इतना पानी निकला की मेरा निक्केर गीला हो चुका था, मैने एग्ज़ाइट्मेंट मे निक्केर नीचे सरका दिया और उन दोनो की काम लीला देख कर मूठ मार रहा था. चाची के झरने के साथ ही मेरे पहला वीर्यपात हो चुका था, लेकिन लंड फिर भी शांत नही हुआ मे दूसरी बार मुति मार रहा था, अब जैसे ही दोनो औरते झाड़ गयी मेरी नज़र ब्लू फिल्म पर थी, वाहा एक औरत अब उस लरके का सुपरा चूस रही थी तो दूसरी उसके आँड चाट रही थी. मे ये देख ही रहा था की मुझे पता ही नही चला की कमला और छ्होटी चाची बाथरूम जाने के लिए रूम से बाहर जाने लगी थी, कमला मुझे देख कर लगभग चीखी ,' अर्रे तुम यहा क्या कर रहे हो,' मुझे कुछ समझ नही आया,' सूसू करने आया था,' मैने कहा और फूले हुए लंड को निक्केर मे ठुसने की कोशिश करते हुए भाग कर बिस्तेर पर आ कर चुपचाप लेट गया.
मे सोया ही थी की कमला अंडर आई और नाइट लॅंप जला दिया. वो मेरे पास आकर बोली,' रमेश भैया, क्या हुआ, आपो नींद नही आ रही क्या?' मे सोने की आक्टिंग करने लगा मगर कमला मुझे ज़ोर से झिन्झोर्ने लगी, अब सोने की आक्टिंग करना बेकार था, मैने ऐसा ज़ाहिर काइया जैसे मे नींद से उठा हू,' क्या हुआ कमलाजी?' मैने पूछा. कमला ने मुझे आंक मारी और बोली,' अब आप सोने की आक्टिंग बंड करो और जल्दिसे बताओ पर्दे के पीछे क्या कर रहे थे नही तो मे अभी चाचिजी को बुलाती हू,' उसने कहा, मेरे पसीने छ्छूट गये,' कुछ नही मुझे सूसू लग रहा था बाथरूम जा रहा था, चाचिजी का रूम खुला देख कर अंडर झाँकने लग गया,' मैने कहा.' देखो बाथरूम तो लॉबी से अटॅच है इसके लिए इसके लिए वाहा आने की ज़रूरत कहा, और फिर तुमने अपनी नुन्नि तो पहले ही बाहर निकल रखी थी, क्या पर्दे के पीछे सूसू करने वेल थे?' ये कह कर कमला हस्ने लगी.
मेरे पसीने छ्छूट रहे थे और मे लंड को दबा कर बैठा हुआ था,' चलो आओ मे तुमको सूसू करवा लाती हू वैसे भी तुम बिना सूसू किए हुमको देख कर लेट गये आओ चलो नही तो बिस्तेर गीला हो जाएगा,' कमला मुस्कराते हुए बोली. मुझे कतो तो खून नही,' नही मुझे अब सूसू नही आ रही,' मैने कहा,' जल्दी चलो बातरूम मे नही तो मे छ्होटी चाचिजी को भी बुला लूँगी हम दोनो तुमको पाकर कर ज़बरदस्ती सूसू करवाएँगे,' कमला बोली तो डर के मारे मेरी गांद गले मे आ गयी और मे उठ खड़ा हुआ. हालाँकि मैने घुटने मोर रखे थे मगर निक्केर मे ताना हुआ लंड कैसे छुपाता. बाथरूम पहुच कर मैने कहा,' मे खुद सूसू कर लूँगा अब आप जाओ.'" ऐसे कैसे कर लोगे आज तो मे ही तुमको सूसू कर्वौन्गि ,' कमला ने कहा और मेरे निक्केर को उतारने लगी, मे नही नही करता रहा मगर तब तक तो मेरा निक्केर घुटनो तक नीचे खिच चुका था और लंड उछाल कर बाहर आ चुका था,' रमेश बाबू ऐसे तो सूसू कैसे करोगे तुम्हारी नूनी तो तनी हुई है जब तक ये बैठेगी नही सूसू उतेरगा नही,' कमला बोली और धीरे धीरे मेरे लंड के आगे की चमरी आयेज पीछे करने लगी. थोरे दीनो पहले ही मैने मूठ मार मार कर आयेज की चमरी पीछे खिसकाई थी मगर अभी भी वो आसानी से पूरी पीछे नही जाती थी और दर्द भी होता था, कमला ने साबुन लिया और उसको चमरी पर रग़ाद दिया इसके बाद वो धीरे धीरे चमरी को पूरा आगे पीछे करने लगी. मेरी हालत खराब थी. कमला ने लंड को मुति मे कस कर पकरा हुआ था मुझे अछा भी लग रहा था , कोई दो मिनिट भी नाहू हुए थे की मेरा फव्वारा छ्छूट गया जो कमला की च्चती पर गिरा, ब्लाउस मे से उसके माममे सॉफ दिख रहे थे. " तो पर्दे के पीछे ये काम हो रहा था रमेश बाबू,' कमला हस्ते हुए बोली,' ये तो हम से ही करवा लेते क्यू अपने हाथ को तकलीफ़ देते हो,' कमला बोली. मेरा लंड मुरझा रहा था और छ्होटा हो गया था,' अब मूतने की कोशिश करो रमेश बाबू,' ये कह कर कमला मूह से सी सी की आवाज़ निकालने लगी जैसे छ्होटे बचे को मूटा रही हो, थोड़ी देर मे मेरा मूत निकला, कमला ने लंड के च्छेद पर तंगी बची खुचि बुनो को हाथ से सॉफ काइया और मुझे निक्केर वापस पहना दिया,' आप छ्होटी चाची को तो ये नही बताओगे?' मैने पूछा,' अगर तू मेरी सारी बात मानेगा तो नही कहूँगी , बोल मानेगा?' उसने कहा,' मे बोला,' आप जो कहोगे मे करूँगा बस आप चाचिजी को कुछ मत बताना.' " चल अब बिस्तेर पर जाकर सो जा तुझे सुबह जल्दी उठ कर स्कूल जाना है,' कमला बोली और वापस छ्होटी चाची के कमरे मे चली गयी इस बार मेरी अंडर झाँकने की हिम्मत नही हुई.

मुझे रात भर डर के मारे नींद नही आई, और मारे डर के चाची के कमरे में दुबारा झाँकने की हिम्मत नही हुई. मारे डर के लंड भी बेचारा सिकुर कर परा रहा. कोई 2-3 बजे मेरी नींद लगी. मुझे छ्होटी चाची बौरनविता के दूध के साथ सुबह 5-45 पर उठाती थी. दूध पी कर में ब्रश करता टाय्लेट जाकर तय्यार होता फिर 6-45 पर मेरी स्कूल बस आ जाती थी. अगले दिन सुबह मेरी नींद खुली मुझे लगा छ्होटी चाची मुझे जगाने आई हाइन, मगर देखा तो कमला दूध का ग्लास लेकर मेरे सिरहाने बेती थी. मैने ग्लास पकरा और दूध पीने लगा, जैसे ही दूध ख़तम हुआ कमला ने अपने ब्लाउस के बटन खोलने शुरू कर दिए, इस से पहले की मुझे कुछ समझ मे आता कमला बोली,' रमेश बाबू अब आप बारे हो गये हो अब आपको ग्लास वाला नही ये दूध पीना चाहिए,' और हस्ते हुए उसने अपने काले मोटे निपल्स मेरे होतो के आगे कर दिए, मे उसका निपल्स चूसने लगा, मेरे शरीर में करेंट दौड़ा और में अब उसका एक मोटा बूब अपने दोनो हाथो में लेकर दबाने मसालने लगा और निपल्स ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा, कमला सी सी उई उई की आवाज़े करने लगी,' ले अब दूसरा मुम्मा भी चूस एक को ही निचोरेगा क्या हरामी!' वो बोली और अब मेरे सामने दूसरा बूब था जिसे मैने निचोरना शुरू कर दिया, कमला मेरे हाथो की ताक़त से डंग थी,' आबे तेरे हाथो मे तो बड़ी ताक़त है, मज़बूत पाकर है तेरी, वो बोली. उधर कमला के मस्त और मोटे मुमे दबाते दबाते मेरा लंड आकर कर निक्केर को फाड़ रहा था. कमला ने अपना हाथ नीचे लिया और निक्केर के उपेर से ही उसको दबाने लगी,' रमेश बाबू ये बेचारा आकर कर पठार हो रहा है और गरम लोहे की तरह उबाल रहा है, इसको ठंडक पानी निकालने के बाद ही पहुचेगी,' उसने कहा और दूसरे हाथ से ज़प खोलने लगी. एक ही मिनिट मे मेरा लंड च्चत की तरफ देख रहा था,' कमलाजी प्लीज़ इसको वापस दल दो छ्होटी चाची आ जाएँगी,' मैने कहा,' उन्होने तुमको नंगा नही देखा क्या रमेश बाबू? देख भी लेंगी तो क्या है!' कमला ने कहा और मेरा लंड और ज़ोर से दबा दिया. " उफ्फ' मेरे मूह से निकला तो कमला ने पाकर धीरे कर दी और मेरे सुपरे पर उंगलिया फिरने लगी, ' रमेश बाबू तुमने दूध पी लिया अब मेरी बरी है,' ये कह कर उन्होने मूह नीचे काइया और अपनी जीभ मेरे मूट के च्छेद पर फेरने लगी, मुझे कुछ समझ नही आया, कमला ने अब मेरे सुपरे की चमरी पीछे की और उसको लॉलीपोप की तरह चूसने चाटने लगी, दन्तो से वो मेरी चमरी को आगे पीछे सरकने लगी. उसके मूह से गिरते थूक ने मेरे पूरे लंड और अंडकोषों को गीला कर दिया था, मे नया खिलाड़ी था ज़्यादा कंट्रोल नही कर पाया, दो मिनिट मे ही मेरा शरीर टन गया और वीरया की पहली बूँद उच्छल कर कमला के मूह मे जा गिरी, कमला ने तुरंत अपने होट मेरे लॉड पर कस दिए और उछाल रही एक एक बूँद को गटकती रही, जब वीर्य की आखरी बूँद ने मेरे लंड से बाहर का रास्ता ढूँढ लिया तब कही जा कर कमला ने अपना मूह मेरे लंड से हटाया,' रमेश बाबू कुंवारे लंड का वीरया तो अमृत होता है आज तुमने अमृत पीला दिया,' ये कह कर उसने ब्लाउस के बटन बंड कर दिए मैने भी निक्केर बंड किया और बाथरूम मे भाग गया. उस दिन स्कूल मे मेरा बिल्कुल मान नही लगा किताबो की बीच मे मुझे कमला के मुममे दिखाई दे रहे थे.


raj..
Platinum Member
Posts: 3402
Joined: 10 Oct 2014 01:37

Re: दो दो चाचिया

Unread post by raj.. » 19 Dec 2014 09:37


दोपहर 2 बजे के आसपास मे घर आया, दरवाज़ा छ्होटी चाची ने ही खोला. मैने बॅग पटका और जैसे ही बाथरूम की तरफ जाने लगा, छोटी चाची ने आवाज़ दी,' रमेश रुक अभी बाथरूम मे मत जाना,' सुन कर मे वही खड़ा हो गया,' क्यू छ्होटी चाची?' मैने पुचछा,' एक मिनिट रुक,' छ्होटी चाची बोली. " सुबह नहा कर गया था स्कूल?" पास आकर छ्होटी चाची ने पूछा,' नही चाचिजी मे अभी नहा लूँगा,' मैने कहा,' रुक आज मे तुझे नहलौंगी, तेरा पानी गरम कर दिया है सर्दी मे मेल ज़्यादा हो जाता है तू रगर नही पाएगा,' छ्होटी चाची बोली, मे घबरा रहा था,' नही चाची मे खुद नहा लूँगा,' मैने कहा,' क्यू मे नही नहला सकती तुझे?' छ्होटी चाची ने पूछा,' नही चाचिजी वो बात नही पर मे खुद नहा लूँगा,' मैने कहा,' पिछली सर्दी तक तो तुझे मे ही नहलाती थी,' छोटी चाची ने कहा,' हॅ चाची पर अब मे बड़ा हो गया हू,' मैने कहा,' अछा तब तो पक्का मे ही तुझे नहलौंगी देखु तो सही मेरा भतीजा कितना बड़ा हो गया है,' कह कर छ्होटी चाची मुस्कराने लगी. इस से पहले की मे कुछ बोलता, छ्होटी चाची ने अपनी सारी उतार फेंकी, वो मेरे सामने सिर्फ़ ब्लाउस और पेटिकोट पहने खड़ी थी, उन्होने मेरे शर्ट के बटन खोलने शुरू कर दिए, मेचाची की गिरफ़्त से छूट कर भाग गया, मगर वो पीछे पीछे भागी और मेरा शर्ट पाकर लिया, मे भागते भागते जैसे ही सोफे तक आया छ्होटी चाची ने मेरा शर्ट पीछे से पाकर लिया,' शर्ट उतरता है या फादू,' वो बोली, 'नही उतरूँगा,' कह कर मे आगे भागने लगा,' कमला जल्दी इधर आ ये सूरज मान नही रहा इसे पाकरना परेगा,' चाची ने आवाज़ दी, आवाज़ सुन कर बड़ी चाची और कमला दोनो अंडर आ गयी. मे भागते भागते बिस्तेर तक गया तब तक तीनो औरतो ने मुझे पकर लिया और बिस्तेर पर गिरा दिया,' क्या हुआ?' बड़ी चाची ने पूछा,' कुछ नही दीदी सरदीओ मे इसको मे ही नहलाती हू आज भी नहलाने के लिए ले जाने लगी तो ये कहता है की मे अपने आप नहा लूँगा, मे बड़ा हो गया हू,' छ्होटी चाची बोली,' अच्छा ये बात है फिर तो आज इसको तू ही नहला,' ये कह कर बड़ी चाची भी मेरे कापरे उतारने लगी. तीनो औरतो ने मुझे दबाया हुआ था शर्ट तो कमला और छ्होटी चाची ने उतार दिया, उधर बड़ी चाची मेरा निक्केर नीचे खीच चुकी थी, मे अभी तक चड्डी नही पहनता था. जैसे ही मेरा निक्केर घुटनो तक आया तो बड़ी चाची की नज़र मेरे औज़ार पर पड़ी,' ठीक ही कहता है ये लरका, देख ये बड़ा तो हो गया,' बड़ी चाची मेरे तने हुए लंड को देख कर बोली, छ्होटी चाची भी नीचे देखने लगी,' हॅ दीदी इसकी सूसू वाली जगह तो बहुत बड़ी हो गयी,' छ्होटी चाची बोली और मेरे लंड को थप्पड़ मरने लगी,' क्या कर रही हो?' बड़ी चाची बोली, कुछ नही दीदी इसकी पिटाई कर रही हू,' वो बोली, ये सुन कर कमला और बड़ी चाची ज़ोर से हस्ने लगी,' अरे पागल अब ये औज़ार दूसरो की पिटाई लायक बुन चुका है,' बड़ी चाची बोली. नेरा लंड पठार बुन चुका था, कमला और छ्होटी चाची के बूब्स मेरे सीने पर ज़ोर डाले हुए थे, उधर बड़ी चाची बोली,' जुब तक इसका लिंग समान्य नही होता ये कैसे नहाएगा?'' हॅ दीदी इसको समान्य करना तो ज़रूरी है,' छ्होटी चाची ने कहा, ता तक बड़ी चाची मेरे व्रशण पर उंगलिया फेरने लगी,' इसका अंडकोष भी बड़ा हो गया है अब ये पूरा मर्द बुन गया है,' उन्होने कहा और मेरे अंडकोषो को सहलाने लगी मेरी हालत खराब हो रही थी, उधर छ्होटी चाची अब नीचे आई और मेरे लंड को चूसने लगी. कमला मेरा सीना और पेट सहला रही थी, बड़ी चाची मेरा अंडकोष और गांद सहला रही थी, जैसे ही छ्होटी चाची ने मेरा लंड चूसना शुरू किया उन्होने भी मेरी गोलिया मूह मे ले ली और उनको चाटने लगी मारे उत्तेजना के मेरी गांद उपेर नीचे होने लगी और कोई 2 मिनिट मे मेरा फव्वारा छ्छूट गया इस बार छ्होटी चाची इसको गतक गयी,' वा तू तो बड़ी उस्ताद निकली कुंवारे लंड का पानी पीने को मिला,' बड़ी चाची ने कहा और हस्ने लगी. मेरा लंड जैसे ही सुस्त पड़ा बड़ी चाची बोली,' अब ये आराम से नहा सकता है,' उन्होने कहा, चोटी चाची मुझे बाथरूम मे ले गयी.
छ्होटी चाची मुझे पाकर कर बाथरूम मे ले गयी और खुद के कापरे भी उतार कर नंगी हो गयी. पहले उन्होने मेरे बालो मे शॅमपू लगाया, फिर पीठ रगरी उसके बाद वो मेरी गांद पर साबुन लगा कर उसको रगार्ने लगी, पाओ पर भी साबुन लगाया. जैसे ही मेरा मूह चाची की तरफ हुआ उनकी नज़र मेरे फिर से खड़े हुए लंड पर पड़ी,' रमेश तू लरका है या पाजामा, तेरा लंड क्या दिन भर खरा ही रहता है क्या?' ये कहा कर उन्होने उस पर साबुन रगरना शुरू कर दिया, नादान उम्र मे ज़्यादा सब्र नही होता, कोई 10-15 स्ट्रोक्स मे ही मेरा पानी निकल गया, चाची ने उसको धो दिया और फिर साबुन लगा कर लंड सॉफ कर दिया,' अब इसको कह दो रात तक शांत रहे, रात मे ही इसकी सेवा होगी,' ये कह कर चाची मुझे तौलिया दे कर चली गयी,' आज रात इसके लंड को छूट का स्वाद चखाना परेगा,' छ्होटी चाची ने बाहर जा कर कमला से कहा,' मेरी छूट ही लेगी इसका जवान लंड,' कमला बोली,' अरे हरामज़ादी तेरे पास चूत नही भोसड़ा है, चूत तो सिर्फ़ मेरे पास है,' छ्होटी चाची बोली,' जिस ढंग से आपकी चूत लंड खाती है दीदी ये जल्दी ही भोसड़ा बन जाएगी, चाहो तो फिर अंडर ट्रक की पार्किंग करवा लो,' कमला हस्ते हस्ते बोली.' मे समझ गया रात मे चुदाई करनी होगी.
रात को खाना खाने के बाद में लॉबी में टीवी देखने लगा, उधर बड़ी चाची भी सोफे पर आ कर बेत गयी, उन्होने नाइटी पहनी हुई थी जिसका कलर पिंक था. बड़ी चाची ने उसको उँचा किया और बचे को दूध पिलाने लगी बचा एक बूब से दूध पी रहा था लेकिन उन्होने दोदो स्तन बाहर निकल रखे थे. दूध से भरे मोटे मोटे स्तन देख कर मेरी हालत खराब थी लंड निक्केर को फाड़ने की कोशिश मे था. मगर बड़ी चाची मेरी तरफ देखे बगैर टीवी देख रही थी. मेरी नज़र अब टीवी की जगह उनके बूब्स पर टिक गयी, उनके बूब्स बहुत मोटे थे, निपल्स भी बाहर निकले हुए थे और ब्राउन रंग के थे. मुझे पता ही नही चला कमला कब वाहा आई,' लो चाचिजी इस रमेश को देखो आपकी चुचिया ही देखे जा रहा है,' उसने कहा और मे सकपका गया मैने अपनी टाँगे भिच ली ताकि उसको मेरा खड़ा लंड ना दिखे,' दीदी अब आप तोड़ा दूध इस बचे को भी पीला दो ताकि इसको कुछ शांति मिले,' कमला बोली. बड़ी चाची हस्ते हुए मेरे पास आ बेती, उन्होने अपनी नाइटी उतार दी, ब्रा तो आगे से खुली ही थी, बाकी सिर्फ़ फ्लॉवेर प्रिंट वाली रेड कलर की चड्डी थी,' ले कमला मेरी ब्रा पूरी हटा दे ताकि रमेश को दिक्कत ना हो, बड़ी चाची बोली.' ले बेटा पी ले तोड़ा दूध तू भी तू भी तो मेरा बेटा ही है,' बड़ी चाची बोली और मेरे पास आकर अपना स्तन मेरे मूह पर लगा दिया,' मुझे तो जैसे अमृत पॅयन का मौका मिल गया, मैने अपने दोनो हाथो से उनका एक बोबा पकड़ा और उसको दबा दबा कर उसका दूध निचोर्ने लगा, उधर इस मौके का फायडा उठाते हुए कमला ने मेरा निकेर खोल दिया और मेरे सुपरे पर जीभ फिरने लगी. थोड़ी देर बाद कमला बोली,' चाचिजी अब अपने अपना दूध तो पीला दिया तोड़ा इसका भी पी लो,' उसने कहा, चाची जी ने अपना स्तन मेरे मूह से हटाया और नीचे झुक कर मेरे लंड को पाकर कर देखने लगी,' कमला लरका तो बड़ा हो गया है लंड भी मज़बूत है इसका, स्वाद भी चख ही लू,' ये कह कर उन्होने लंड को चारो तरफ से चाटना शुरू कर दिया. कमला ने अब तक अपना ब्लाउस खोल दिया था और अपने बूब्स मेरे मूह मे दे दिए, मे कमला के निपल्स चूस रहा था और बड़ी चाची मेरा लॉडा,' लंड तो इसका स्वादिष्ट है कमला पानी का अवद अभी बताती हू, ये कह कर उन्होने पूरा लंड गले मे ले लिया,' वा मेरे आने से पहले ही दोनो रंडिया चालू हो गयी, कमला तुमने तो कहा था रात मे ये हुमको चोदेगा मगर दीदी तो अभी से इसका पानी चखने मे लग गयी,' छ्होटी चाची की आवाज़ आई,' अरे चुद लेना 5 मिनिट मे, जवान लौंडा है रात मे चाहो जितनी बार चुड लेना मुझे भी इसके लंड और पानी का स्वाद तो चक्ख लेने दो, ये कह कर बड़ी चाची ने अपनी स्पीड बढ़ा दी, मेरा नियंत्रण च्छूटता जा रहा था, कोई एक मिनिट बाद ही मे ऊऊह आह करता हुआ बड़ी चाची के मूह मे झाड़ गया, उन्होने एक एक बंड गतक ली,' कमला इसकी मलाई तो गढ़ी और नमकीन है,' वो बोली.
" ले रमेश अब तू हुमारे बेडरूम मे चल आज तेरे लंड को चूत चखवते हाइन,' ये कह कर छ्होटी चाची मुझे अपने बेडरूम मे ले गयी,' कमला और बड़ी चाची भी साथ साथ आ गयी, आज तो बड़े चाचा भी नही थे